चुनांचे नक़ल है के हज़रत महेदी अलैहिस्सलाम ने बाज़ मुहाजिरों को फ़रमाया के " जो फकीर फुतुह का मुन्तज़िर रहे वो मुतवक्किल नहीं।"
(इंसाफ नामा - मतन शरीफ, न. 144)