हज़रत महेदी अलैहिस्सलाम ने फ़रमाया के दीन सरापा इंसाफ है, यानि तुम इंसाफ करो खुदा तुम पर रहम करे।
(इंसाफ नामा - मतन शरीफ, न. 8)