बंदगी मियाँ शाह निज़ाम रज़ी ने फ़रमाया जो शक्स हिम्मत से खुदा की तलब इख़्तियार करता है तो इस के लिए बहुत आसानी होती है और जिस को हिम्मत ना हो बड़ी मुश्किल होती है।
(हाशिया इंसाफ नामा - हाशिया शरीफ, न.89)