हज़रत मीरां सय्यद मुहम्मद महेदी अ.स. ने अपने मुनकीरों के पीछे नमाज़ पढ़ने से मना फ़रमाया है और फ़रमाया है के अगर नमाज़ पढ़ लिए हो तो लौटा कर पढ़ो।
(इंसाफ नामा - मतन शरीफ, न. 1)