ख़ुदा-ए-ताला पहले पूछेगा...

नेज़ हज़रत महेदी अलै. ने फ़रमाया के "ख़ुदा-ए-ताला इस तरह ना पूछेगा के तू अहमद स.अ.स. का बेटा है या महेदी अलै. का। हक़ ताला अमल बा-मुहब्बत पूछेगा।"

पस ऐ बिरादर फरमान को देख और तकिया मत कर के हम दायरे के अंदर हैं और हम को महेदी अलै. के सदखे से निजात होगी।

(हाशिया इंसाफ  नामा - मतन शरीफ,  न. 62)

Previous Page Next Page Home