मोमीन कामिल कौन है..

नक़ल है हज़रत महेदी अलै. ने फ़रमाया  "जिसने तीन पहर अल्लाह का ज़िक्र किया मुनाफ़िक़ है, जिसने  चार पहर  ज़िक्र किया मुशरिक है और जिसने  पाँच  पहर ज़िक्र किया  मोमीन नाक़ीस है और जिसने आठ पहर का ज़िक्र किया मोमिन कामिल है।"

महेदी अलै. का फरमान अल्लाह के फरमान से है। अल्लाह के फरामीन बदलते नहीं। ये अमल नहीं है तो ईमान कहां और रवीश-ए-महेदी अलै. कहां है?
(हाशिया इंसाफ  नामा - हाशिया शरीफ,  न. 6)

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