नक़ल है हज़रत महेदी अलै. ने फ़रमाया "मोमीन वो शक्श है जो हर हालात में सुबह व शाम अल्लाह ताला की तरफ मुतवज्जे रहे।"
(हाशिया इंसाफ नामा - हाशिया शरीफ, न. 5)