हज़रत महेदी अलै. की एक नज़र...

और नेज़ नक़ल है के हज़रत महेदी अलै. ने फ़रमाया के "बन्दे की एक नज़र हज़ार साल की मकबुला इबादत से बेहतर है।"
(इंसाफ नामा - मतन शरीफ,  न. 13)
Previous Page Next Page Home