नकल है बंदगी मियाँ शाहे निज़ाम रज़ी. अबू गड़ पहाड़ (जो राजस्थान और गुजरात के बिच है) पर गए. एक बिरादर ने आप से कहा मियाँ कामिल किसको कहते हैं?
मियाँ रज़ी. ने फरमाया कामिल ओ है के उसके फरमान से पहाड़ हरकत करने लगे. उसी वक्त पहाड़ हरकत करने लगा और चलने के लिए अमल किया. मियाँ रज़ी. ने फरमाया ठैरकर हमने तज़करा किया तुझको हरकत करने के लिए नहीं कहा. उके बाद पहाड़ ठहेर गया.
(हाशिया इंसाफ नामा १९७)


