मुहाजिरों ने हज़रत महेदी अ.स. से अर्ज़ किया के खुन्दकार के बाद हम सब आप अ.स. के मक़बरे के पास रहेंगे।
हज़रत महेदीअ.स. ने फ़रमाया हमारी क़बर खोल कर देखो अगर बन्दा क़बर में रहा तो बन्दा महेदी नहीं । हमारा मुद्दुआ (खुदा का ज़िक्र) तुम्हारे दरमियान रहे और तुम जहाँ कहीं रहो बन्दा तुम्हारे दरमियान है।
(हाशिया इंसाफ नामा - हाशिया शरीफ, न.77)

