फरमान ए महेदी अ.स.

नेज़ हज़रत महेदी अलैहिस्सलाम ने  फ़रमाया के "इस को दुनियादार कहता है, काफिर क्यों नहीं कहता?"

(हाशिया इंसाफ नामा - हाशिया शरीफ, न.21)

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