और नेज़ नक़ल है के हज़रत महेदी अलै. से एक मुल्ला ने हक़ की बिनाई के मुतालिक बहस की और कहा के दुनिया में अल्लाह की रुइयत जाएज़ नहीं। इस के बाद हज़रत महेदी अलै. ने फ़रमाया के किसी ने जाएज भी रखा है? इस के बाद मुल्ला ने कहा के हाँ, इस के बाद हज़रत महेदी अलै. ने फ़रमाया के हम ने बसीरों का मज़हब इख़्तियार किया है तुम अंधों का मज़हब इख़्तियार करो।
(इंसाफ नामा - मतन शरीफ, न.37)


