शान ए बंदगी मियाँ

हजरत बंदगी मियाँ शाहे दिलावर रज़ी. इरशाद फ़रमाया की "मुहम्मद (स.अ.स) का कलमा, महेदी अलै. की तस्दीक और भाई खुन्दमिर (रज़ी) की मुहब्बत को मैं ने बहेशत (जन्नत) के दरवाजे पर लिखा देखा।"

Previous Page Next Page Home