हजरत महेदी अलै. से किसी ने सवाल किया के तमाम कलामुल्लाह की मुराद हम को एक आयात में बयान फरमाए तो हजरत महेदी अलै. ने फ़रमाया के तौरात, इन्जील, ज़बूर, फुरकान और अल्लाह की वहदानियत की मुराद एक कलमा बयान करता हूँ के तमाम की मुराद कलमा "ला इलाहा इलल्लाह" है।
(1. हाशिया इंसाफ नामा - हाशिया शरीफ)


