नेज नकल है आँ हजरत महेदी अलैहिसलाम ने फरमाया हमारे मियाँ दिलावर अशरफों से बडकर अशरफ़ हैं.
नेज नकल है हजरत मिरां अलैहिसलाम ने बंदगी मियाँ शाहे दिलावर रजी. के हक़ में फरमाया के हक़ सुबाहनुताला ने दिलावर को अर्श से तह्तुसारा तक एैसा रोशन किया है जैसे कोई शक्स अपनी हथेली में राई का दाना रखता हो. ( याने के हर शय को हथेली में राई के दाने के बराबर देख सकते थे.)


