और नेज़ बंदगी मियाँ सय्यद खुन्दमीर और बंदगी मियाँ शाह नेमत रज़ी. फरमाते थे के "अगर कोई शक्स महेदी अलै. के खिलाफ हम में कोई बात देखे और हमारा दामन ना पकड़े, कल कियामत के दिन हम उस का दामन पकड़ेंगे।"
( इंसाफ नामा - मतन शरीफ, न. 19)
( इंसाफ नामा - मतन शरीफ, न. 19)


