नेज नकल है आँ हजरत महेदी अलैहिसलाम ने फरमाया जिस किसी को ख़्वाब या मुआमला होता है बन्दे के सामने हल करें और अगर बन्दा हाज़िर न हो तो मियाँ दिलावर से हल करले.