हजरत महेदी माउद अ.स. ने फरमाया के क़यामत के रोज़ खुदा-ए-ताला ऎसा नहीं पूछेगा की अहेमद का फरजन्द है या मोहम्मद महेदी का फरजन्द. हक़ ताला मोहब्बत का अमल पूछेगा.
(हाशिया इंसाफनामा)

Previous Page Next Page Home